नाचते कूदते रहते हैं बारिश की बूँदों पे देकर के ताल जब हम नाचते कूदते रहते हैं बारिश की बूँदों पे देकर के ताल जब हम
मन मयूर नाच उठे, देख जल तरंग छटा लुभावन। मन मयूर नाच उठे, देख जल तरंग छटा लुभावन।
मयूर नृत्य हो जाता अविराम मयूर नृत्य हो जाता अविराम
फिर से जी लूँ मैं अपनी ज़िंदगी देखकर तुम्हें। फिर से जी लूँ मैं अपनी ज़िंदगी देखकर तुम्हें।
रंग बिरंगे फूलों से हर गुलशन है महकाये बूंदे करती रिम झिम रिम झिम जब भी बारिश आये रंग बिरंगे फूलों से हर गुलशन है महकाये बूंदे करती रिम झिम रिम झिम जब ...
नाचे मयूर जिसके आने से वो भी कुछ घबरा गया नाचे मयूर जिसके आने से वो भी कुछ घबरा गया